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रेडियो साइकिल कार, मोबाइल और लैपटॉप जैसी वस्तुओं की जानकारी जनगणना के दौरान देनी होगी।

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आपके घर रेडियो, लैपटॉप है?

 

भोपाल. रेडियो और साइकिल जैसी बीते जमाने की चीजों से लेकर कार, मोबाइल और लैपटॉप जैसी आधुनिक वस्तुओं की जानकारी इस बार आपको जनगणना के दौरान भी देनी होगी। विशिष्ट पहचान-पत्र (यूआईडी) तैयार करने के लिए भी आवश्यक जानकारी ली जाएगी। जनगणना के लिए आने वाले दल को जानकारी नहीं देने पर आपको 1000 रुपए जुर्माना और तीन साल की जेल की सजा भी हो सकती है।

2011 की जनगणना का काम शुरू हो गया है। जनगणना अधिकारी जल्दी ही शहर के निवासियों के घर का दरवाजा खटखटाने आने वाले हैं। भोपाल में जनगणना का काम सात मई से शुरू किया जा रहा है। जनगणना के काम में लगे कर्मचारियों को समय के बंधन से मुक्त रखा गया है, जिससे सुबह शाम किसी भी वक्त जानकारी लेने जाया जा सकेगा। नगर निगम के जनगणना प्रभारी राजीव निगम कहते हैं कि मोटे तौर पर एक कर्मचारी को करीब 150 घरों में जाना होगा। जो रोज दस घरों में जाकर भी आसानी से किया जा सकेग।

कब से कब तक

जनगणना का काम सात मई से 22 जून तक किया जाएगा। वर्ष 2011 की जनगणना में हर परिवार से कई जानकारियां ली जा रहीं हैं, जिनमें कई जानकारियां रोचक हैं, तो कई आज के परिवेश में अनुपयोगी हैं। जिसमें दो दशक से पहले की लाइफ स्टाइल में शामिल बातें आज भी पूछी जाएंगी। इस बार जनगणना में दो फॉर्म भरवाए जाएंगे। जिनमें से एक फॉर्म मूल जनगणना के लिए और दूसरा विशिष्ट पहचान-पत्र बनाने के लिए भरवाया जाएगा।

बिंदु-दर-बिंदु

शहर में हर घर से फॉर्म भरवाने में जनगणना अधिकारी को कम से कम आधा घंटे का समय लगेगा। इससे पहले जनगणना के पारंपरिक फॉर्म में 23 बिंदुओं में जानकारी मांगी जाती थी, जिसे इस बार की जनगणना में बढ़ाकर 35 बिंदु कर दिए गए हैं। इनमें से चार जानकारियां पहली बार जनगणना में शामिल की जा रही हैं। वहीं व्यक्तिगत पहचान-पत्र के लिए भरवाए जाने वाले फॉर्म में 14 बिंदुओं में जानकारी मांगी जा रही है।

..तो होगी जेल

देश की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार ने इस बार जनगणना जैसे काम को प्रभावी बनाने और आमजन को गंभीरता के साथ इससे जोड़ने के लिए सख्ती कर दी है। नागरिक इसमें बहानेबाजी नहीं कर पाएंगे। जनगणना अधिनियम में प्रावधान कर दिया गया है कि इसमें असहयोग करने वाले नागरिक को सजा दी जाएगी। इसमें जानकारी न देने या गलत देने पर 1000 रुपए का जुर्माना और तीन साल की जेल की सजा का प्रावधान रखा गया है।

ऐसे होगी जनगणना

शहर के हर घर, मकान, झुग्गी और हर ऐसी संरचना जिसमें कोई मनुष्य निवास करता है, से जानकारियां ली जाएंगीं। इस काम के लिए भोपाल में 3,300 जनगणना अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रशिक्षित किया गया है। इनमें 80 मास्टर प्रशिक्षक 60-60 अन्य कर्मचारियों को प्रशिक्षित कर रहे हैं। इसके साथ ही पूरे शहर को 2800 ब्लॉक में बांटा गया है। हर क्षेत्र में 200 घरों का एक ब्लॉक बनाया गया है। प्रत्येक कर्मचारी को करीब 200 घरों की जानकारी 22 जून तक देनी है।