श्रीलंका में सत्तारूढ़ पार्टी को बढ़त


कोलम्बो : श्रीलंका के संसदीय चुनावों परिणाम के शुरूआती रूझान राष्ट्रपति महिंदा राजपक्षे की यूनाइटेड पीपुल्स फ्रीडम एलायंस (यूपीएफ़ए) पार्टी के पक्ष में आ रहे हैं. हालांकि अभी यह नहीं कहा जा सकता कि इस गठबंधन को संविधान में संशोधन करने के लिए आवश्यक दो तिहायी बहुमत मिल जाएगा. निर्वाचन अधिकारियों ने बताया कि अब तक 15 सीटों के परिणाम घोषित हो गए है जिसमें से 11 यूपीएफ़ए के पक्ष में गए हैं. कई जगहों पर यह गठबंधन आगे चल रहा है. श्रीलंका की संसद में 225 सदस्य हैं. सेंट्रल कैंडी जिला की बारह सीटों का परिणाम देर से मिलने की उम्मीद है क्योंकि यहां हिंसा के कारण पुनर्मतदान के आदेश दिए गए हैं. श्रीलंका में तमिल विद्रोही संगठन लिबरेशन टाइगर्स आफ़ तमिल ईलम (लिट्टे) के साथ 25 वषाब से चल रहे युद्ध के गत वर्ष समाप्त होने के बाद संसदीय चुनावों के लिए पहली बार कल मतदान हुआ.इन चुनावों में सात हजार 620 उम्मीदवार चुनाव अपनी राजनीतिक किस्मत आजमा रहे हैं. उधर विपक्ष ने आशंका जाहिर की है कि अगर श्री राजपक्षे बहुमत से सत्ता में आये तो लोकतंत्र को नुकसान पहुंच सकता है

Related Posts

Ask Questions If you Have any ?

Leave a Reply